जिगर में रहकर भी वो जुदा हो जैसे
मगर फिर भी लगे है अपना हो जैसे
मिलता भी है तो ऐसे मिलता है वो
दरमियां जन्मों का फासिला हो जैसे
उसके लिए सबसे लड़ने चला, तो लगा
उसका इश्क मेरा हौसला हो जैसे
ख्वाबों में भी नहीं आता वो आजकल
ऐसे लगता है भूल गया हो जैसे
किसी पे कभी एतबार करके तो देख
लगेगा पत्थर में भी, खुदा हो जैसे
तेरी बातों से साफ पता चलता है
'राकेश' तुमने भी प्यार किया हो जैसे
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