बेशक मुझसे आज...

बेशक मुझसे आज खफा है
वो जैसा भी है मेरा है

कहने से नहीं टूटते रिश्ते
अपना तो अपना होता है

जीवन में रूठने मनाने का
अपना इक अलग मजा है

वह रूठे हैं तो मन जाएंगे
न मैं बुरा हूँ न वो बुरा है

कहती हैं ये हिचकियां मुझको
याद मुझे वो भी करता है

नींद नहीं मुझको भी आती
वो भी तो तारे गिनता है

मांगी दुआ तुम्हें पाने की
टूटा जब कोई तारा है

तू मिले तो सब मिला समझूं
'राकेश' मुझे जग से क्या लेना है

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