दर्दे दिल है और आँखों में पानी है
हाँ यही, बस यही, मेरी कहानी है
ऐ खुदा रखना हरा इसको सदा
यह जख्म दोस्त की दी निशानी है
जानी है जबसे हकीकत उसकी
ये दुनिया लगने लगी बेगानी है
मेरा तज़रबा तो कहता है यही
छोटी उमर में इश्क करना नादानी है
सबके इश्क में मिलेगी-बू-ए-हवस
'राकेश' का इश्क उल्फते-रूहानी है
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