मेरे खत का.....

मेरे खत का कुछ यूँ जवाब भेजा है
बंद लिफाफे में लाल गुलाब भेजा है

बू-ए-वफा आ रही है इस गुल से
नए तौर से इश्क का ख़िताब भेजा है

जश्न का माहौल है आज मेरे दिल में
मेरे सवाल का सही जवाब भेजा है

मुरझाया हुआ चेहरा फिर खिल गया
मेरे लिए ईलाज-ए-इज्तिराब भेजा है

'राकेश' खोल दी है तेरी किस्मत उसने
बनाके हकीकत हर ख्वाब भेजा है

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