मुझको कलेजे से लगाए कोई
जिन्दगी में आप-सा आए कोई
बुझ सके न जो उमर भर के लिए
शम्मा-ए-इश्क ऐसी जलाए कोई
वादा करता हूँ हर खुशी दूंगा
मगर शर्त है वफा निभाए कोई
दिल में है जो वही चेहरे पे हो
हकीकत से रू-ब-रू कराए कोई
मेरी तमन्ना तो है यही
अपने दिल में मुझे बसाए कोई