तुम आँखों से बोलो.......

शब्दों को अधरों पर रख कर दिल के भेद न खोलो
मैं आँखों से सुन सकता हूँ , तुम आँखों से बोलो.

संबंधों की कठिन धारा पर चलना बहुत कठिन है
पग धरने से पहले अपने विश्वासों को तोलो !!
मैं आँखों से सुन सकता हूँ तुम आँखों से बोलो

तुम्हारे तीखे बाण ह्रदय को बेधित कर देते हैं
सत्य बहुत कड़वा होता है, सोच समझ के बोलो
मैं आँखों से सुन सकता हूँ , तुम आँखों से बोलो !!!

कैसे करोगी जहमत, तुम इनायत-ए-इश्क पर
पहले ह्रदय कठोर , नैन के गंगाजल से धो लो ,
मैं आँखों से सुन सकता हूँ , तुम आँखों से बोलो.

प्रेम रहित जीवन का कुछ अर्थ नहीं होता है
मेरे मीत न बन पाए तोः और किसी के हो लो.!!






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